पटना – बिहार विधानसभा में फ्लोर टेस्ट को लेकर पिछले दो दिनों से काफी ज्यादा गहमागहमी रही है.विपक्ष की ओर से फ्लोर टेस्ट से पहले विधानसभा अध्यक्ष को हटाने का प्रस्ताव था. नीतीश सरकार के लिए यह भी एक चुनौती थी .
विधानसभा अध्यक्ष के खिलाफ सदन में सोमवार को अविश्वास का प्रस्ताव लाया गया जिसे 125 वोट से पारित कर दिया गया.लेकिन इस पूरे प्रकरण में यह देखा गया कि क्रॉस वोटिंग हुई है.राजद खेमे के दो विधायक सत्ता पक्ष के लिए वोट किया.वहीं जदयू के कुछ विधायक भी गायब थे. इस विषय को लेकर झारखंड में भी चर्चा होती रही.प्रदेश महामंत्री प्रदीप वर्मा ने कहा कि बिहार में विरोधियों के द्वारा माहौल बनाने का प्रयास किया गया जिसमें उन्हें सफलता नहीं मिली.











