रांची- दल बदल कानून के तहत बड़ी कार्रवाई हुई है.झारखंड मुक्ति मोर्चा के विधायक लोबिन हेंब्रम की सदस्यता रद्द कर दी गई है वहीं 2019 में भाजपा के टिकट से विधानसभा पहुंचे जेपी भाई पटेल की भी सदस्यता रद्द कर दी गई है.संविधान की दसवीं अनुसूची के तहत दल बदल कानून के आधार पर दोनों की सदस्यता गुरुवार को स्पीकर ट्रिब्यूनल ने रद्द कर दी.लोबिन हेंब्रम झारखंड मुक्ति मोर्चा के पुराने नेता रहे हैं.
मांडू से विधायक जयप्रकाश भाई पटेल ने लोकसभा चुनाव के दौरान भाजपा को छोड़ कांग्रेस में शामिल हो गए थे.लेकिन उन्होंने विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा नहीं दिया.कांग्रेस ने उन्हें हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र से प्रत्याशी बनाया.वे चुनाव हार गए. इधर भाजपा ने विधानसभा अध्यक्ष से उनकी सदस्यता रद्द करने की मांग की थी.इस आवेदन के आधार पर दल बदल कानून के तहत जेपी भाई पटेल की सदस्यता रद्द कर दी गई है.झारखंड मुक्ति मोर्चा के बागी विधायक रहे लोबिन हेंब्रम सरकार के खिलाफ अक्सर बोलते रहे.इसके अलावा उन्होंने लोकसभा चुनाव में राजमहल लोकसभा क्षेत्र से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ा.इस सीट पर झारखंड मुक्ति मोर्चा ने विजय हांदसा को प्रत्याशी बनाया था.लोबिन हेंब्रम पर पार्टी विरोधी गतिविधियों के कारण कार्रवाई की गई थी उन्हें निलंबित कर दिया गया था.
दोनों की सदस्यता खत्म करने के आग्रह पर स्पीकर ट्रिब्यूनल में सुनवाई पहले ही पूरी हो चुकी थी विधानसभा अध्यक्ष रविंद्र नाथ महतो ने आज फैसला सुना दिया 26 जुलाई से उनकी सदस्यता रद्द मानी जाएगी.उधर लोबिन हेंब्रम इस फैसले से गुस्से में है.उन्होंने कहा कि वह कानूनी सहायता लेंगे.











