पटना – बिहार को लेकर एक अजीब कोलाहल है.यहां नीतीश सरकार को प्रोटेस्ट में पास करना है.उनके विरोधी यानी राजद और कांग्रेस के लोग उन्हें फेल करने के फिराक में लगे हैं.जिस प्रकार से नीतीश कुमार ने गठबंधन तोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया और सरकार बना ली, ऐसे में राजद द्वारा खुली चुनौती दी गई कि फ्लोर टेस्ट में नीतीश कुमार को पटखनी दी जाएगी.
फ्लोर टेस्ट से पहले एक दिन पहले से राजद और हैदराबाद कांग्रेस के विधायकों को तेजस्वी यादव के आवास पर रखा गया है.बताया जा रहा है कि तीन विधायक गायब हैं.उधर बीजेपी के विधायक को गया शिफ्ट कर दिया गया था.एक कार्यशाला के माध्यम से उन्हें वहां बुलाया गया था.भाजपा विधायकों के दल में भी कुछ विधायकों के गायब होने की सूचना आ रही है.इससे मामला बड़ा गंभीर हो गया है.12 फरवरी को नीतीश सरकार को फ्लोर टेस्ट में अपना बहुमत साबित करना होगा लेकिन संकट दिख रहा है. पिक्चर साफ सुथरा कुछ नहीं है.सत्ता पक्ष के लोगों का कहना है कि राजद के लोग ही गायब हो जाएंगे.कांग्रेस के विधायक टूट जाएंगे.इस तरह से सरकार को विश्वास मत मिल जाएगा उधर राजद के नेता तेजस्वी यादव पहले ही कर चुके हैं कि खेला होगा रविवार को राज्यसभा सांसद राजद नेता मनोज झा ने दावा किया कि अगर हिम्मत है तो सबसे पहले विधानसभा अध्यक्ष को अविश्वास प्रस्ताव के माध्यम से सरकार हटाकर दिखाए.विपक्ष में भी उतना ही आत्मविश्वास से लेकिन सत्ता पक्ष के लोगों का कहना है कि उनके पास 128 विधायकों का समर्थन है.कुछ भी नहीं होगा.कोई टूटेगा नहीं.लेकिन इतना तो स्पष्ट है कि नीतीश कुमार काफी टेंशन में है.भाजपा के नेता भी तनाव में देखे जा रहे हैं.तीन चार विधायकों के इधर-उधर होने से मामला गड़बड़ हो सकता है.इसलिए बिहार की सियासत के लिए 12 फरवरी का दिन बहुत महत्वपूर्ण माना जा रहा है.बहुमत के लिए 122 का आंकड़ा होना चाहिए.राजद और कांग्रेस के विधायकों को तेजस्वी यादव के आवास पर रखा गया है.इधर भाजपा की क्राइसिस टीम भी लग गई है.











