न्यूज डेस्क : राजनीति और क्रिकेट में कब क्या हो जाए, यह कहा नहीं जा सकता है। भारत में यह देखा जा सकता है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि समाजवादी पार्टी ने उत्तर प्रदेश की दस राजसभा सीटों में से सिर्फ दो पर अपना उम्मीदवार खड़ा किया। एक पर अखिलेश यादव के चाचा शिवपाल यादव खड़ा किया। दूसरी सीट बेच दी। यह सीट धन्नासेठ को बेच दी गई। अब यह जानिए कि यह धन्नासेठ कौन है। राज्यसभा सांसद परिमल नाथवानी के सुपुत्र हैं। परिमल नाथवानी तीन माह पूर्व झारखंड से भाजपा के मुख्य समर्थन से राज्यसभा चुनाव जीते।
परिमल नाथवानी को राज्यसभा भेजने के लिए भाजपा ने पूरी मेहनत की। अन्य लोगों ने समर्थन दिया। नाथवानी जीत गए। निर्वाचन क्षेत्र झारखंड विधानसभा परिसर से लेकर भाजपा कार्यालय तक जश्न मना। जीतने के बाद परिमल नाथवानी का भाजपा कार्यालय में स्वागत हुआ। स्वागत ऐसा हुआ जैसे भाजपा के टिकट पर वे जीते थे। यह सब जानते हैं। देखे भी हैं।
अब राजनीतिक गलियारे में यह कहा जा रहा है कि धनराज परिमल नाथवानी को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव के बहाने आरोप लगाया कि सपा ने राज्यसभा का टिकट धन्नासेठ को बेच दिया। धन्नासेठ यानी परिमल नाथवानी के सुपुत्र धनराज परिमल नाथवानी को बेच दिया।
उद्योगपतियों को अपने से जोड़ने की कोशिश सभी राजनीतिक दलों की रही है। सपा ने भी यही है। आज धनराज परिमल नाथवानी को विजय प्रमाण पत्र मिल गया है। योगी ने यह भी कटाक्ष किया है कि सपा PDA है यानी पराया धन अपना। उन्होंने PDA का अन्य फुल फॉर्म बताया है।
अब सवाल उठ रहा है कि परिमल नाथवानी भले निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हों, लेकिन वे भाजपा के करीबी माने जाते हैं। पीएम मोदी से भी नजदीकी रिश्ता रहा है। झारखंड से राज्यसभा चुनाव जीतने वाले परिमल नाथवानी के सुपुत्र धनराज परिमल नाथवानी पर UP के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की टिप्पणी गरमाई हुई है इस झारखंड भाजपा के प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने कहा कि सपा का असली चेहरा सामने आ गया है। पहले ये लोग भाजपा पर आरोप लगाते रहे थे। प्रतुल ने यह भी कहा कि इस प्रकरण से इंडिया गठबंधन का भी दोहरा चरित्र सामने आया है।













