रांची- झारखंड में राजनीतिक हलचल तेज है.विधानसभा की एक सीट जो खाली है उस पर चुनाव कराने और नहीं कराने के बीच द्वंद्व चल रहा है.भाजपा ने संविधान और अदालत के आदेश का हवाला देते हुए पहले भी कहा था कि गांडेय विधानसभा सीट पर उपचुनाव नहीं हो सकता.राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन जब राज्य से बाहर थे तब भी राज भवन पहुंचकर भाजपा नेताओं ने पत्र के माध्यम से राज्यपाल से आग्रह किया था कि सभी चीजों को देख कर निर्णय लिया जाना चाहिए.मंगलवार को भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल राजभवन पहुंचा.इस प्रतिनिधि मंडल में प्रदेश महामंत्री प्रदीप वर्मा और बालमुकुंद सहाय है.
बाबूलाल मरांडी ने राज्यपाल को ज्ञापन देकर यह कहा कि जिस मंशा से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने गांडेय विधानसभा सीट खाली करवाई. उसे पर जल्द चुनाव करने का भी दबाव बढ़ाने का अर्थ ही है कि यह किस मकसद से विधानसभा सीट खाली कराई गई.इस सीट पर अब चुनाव नहीं हो सकता है. इधर प्रदेश महामंत्री प्रदीप वर्मा ने कहा कि राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सरफराज अहमद जैसे वरिष्ठ विधायक से जबरन सीट खाली करवा कर यह साबित कर दिया कि वह और उनकी पार्टी परिवारवाद के कुएं से बाहर नहीं निकली है.उन्होंने कहा कि जिस प्रकार से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन प्रवर्तन निदेशालय के समन की अवहेलना कर रहे हैं,उससे यह साफ संदेश जाता है कि वे अपने को कानून से ऊपर समझ रहे हैं.उन्हें यह याद रखना चाहिए कि भारत में कानून के आगे सभी बराबर हैं.











