रांची: झारखंड में अभी छात्र आंदोलन का मुद्दा गरमाया हुआ है। शुक्रवार को पुतला दहन के दौरान जो बवाल हुआ, उससे तापमान बढ़ा हुआ है। शनिवार को रांची की कोतवाली पुलिस ने सुबह सुबह छात्र आंदोलन में शामिल अमीषा प्रसाद को पूछताछ के लिए कोतवाली ले गई। पुलिस से अमीषा ने पूछा कि क्या उसके पास कोई नोटिस है। पुलिस कोई मुकम्मल जवाब नहीं दे सकी। अमीषा को पुलिस घंटों महिला थाना में बैठाये रही।
इसकी ख़बर मिलते ही भाजपा के नेतागण थाना पहुंचे। मीडिया वाले भी वहां पहुंचे। भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी भी पहुंचे। लड़की से मिलना चाहते थे। लेकिन मिल नहीं पाए। दूसरे रास्ते से अमीषा को घर पहुंचाया गया। बाबूलाल मरांडी ने कहा कि सरकार लोगों की आवाज़ को दबाना चाहती है। तो आवाज़ कभी नहीं दबेगी। और मुखर होगी।
इससे पहले रांची नगर निगम की नेत्री रोशनी खलको भी महिला थाना पहुंची। वह भी यह जानना चाहती थी कि आखिर इस बच्ची को थाने क्यों लाई है। अमीषा प्रसाद ने कहा कि पुलिस ने बिना कोई स्पष्ट कारण बताए घर से थाने ले आई। उसने कहा कि वह प्रशासन को सहयोग करेगी। मालूम हो कि शुक्रवार को अमीषा के साथ बदसलूकी की गई थी। उससे पुतला छीना गया था।
इधर पुलिस की भूमिका पर सवाल खड़े हो रहे हैं। भाजपा के नेता सरकार पर तानाशाही का आरोप लगा रहे हैं।














