रांची- झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन होटवार जेल में हैं.उन्हें पीएमएलए कोर्ट ने न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. रिमांड पिटीशन पर चर्चा हो गई है.बहस हो गई है लेकिन फैसला कोर्ट का नहीं आया है.इस बीच गठबंधन दल के विधायकों को टूटने से बचाने के लिए सत्ता पक्ष ने हैदराबाद जाने का फैसला किया लेकिन मौसम खराब होने की वजह से सभी 38 विधायकों को वापस सर्किट हाउस लौट जाना पड़ा.सर्किट हाउस की सुरक्षा कड़ी की गई है.सत्ता पक्ष के लोगों का कहना है कि अपने कुनबे को बचाने के लिए ऐसा किया गया है.किसी दूसरे की नजर नहीं पड़े, इसलिए यह ऐतिहासिक कदम उठाया गया है.
शुक्रवार को अगर मौसम ठीक रहा और राज्यपाल की तरफ से सरकार गठन के लिए न्यौता नहीं मिला तो सभी विधायक हैदराबाद चले जाएंगे.वहां होटल में भव्य इंतजाम किया गया है. सत्ता पक्ष की ओर से कड़ी नजर रखी जा रही है इधर भाजपा नेताओं का कहना है कि भाजपा को जरा भी इसमें इंटरेस्ट नहीं है कि वह सत्ता पक्ष के विधायकों को तोड़े. बाबूलाल मरांडी ने कहा है कि कोई कहीं जाए इससे कोई फर्क नहीं पड़ता भाजपा को इसमें कोई दिलचस्पी नहीं है कानून और संविधान का प्रावधान जो कहता है वह होगा उधर प्रदेश महामंत्री प्रदीप वर्मा ने कहा कि हेमंत सोरेन ने जैसा किया उन्हें इसका परिणाम झेलना था. उन्होंने कहा कि झारखंड की जनता ने उन्हें समर्थन इसलिए नहीं दिया था कि वे झारखंड के खनिज संसाधन और सेवा की जमीन का कथित रूप से घोटाला करें.











