
संसद के मानसून सत्र के दूसरे दिन NEET परीक्षा का मुद्दा राजनीतिक बहस का प्रमुख केंद्र बन गया। सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ने इस विषय पर अपने-अपने पक्ष रखे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एनडीए संसदीय दल की बैठक में कहा कि जैसे ही NEET पेपर लीक की जानकारी सरकार को मिली, तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी गई। उन्होंने बताया कि मामले में अब तक 13 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि छात्रों का भविष्य सुरक्षित रखना सरकार की प्राथमिकता है। इसी वजह से दोबारा परीक्षा समय पर आयोजित की गई और परिणाम भी बिना किसी अनावश्यक देरी के जारी किए गए। उन्होंने भरोसा दिलाया कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए परीक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाया जा रहा है तथा दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।
दूसरी ओर, कांग्रेस ने परीक्षा प्रणाली में आई खामियों को लेकर सरकार को घेरा। लोकसभा में कांग्रेस सांसद के.सी. वेणुगोपाल ने इस विषय पर चर्चा की मांग करते हुए स्थगन प्रस्ताव का नोटिस दिया। उनका कहना है कि परीक्षा व्यवस्था से जुड़े गंभीर सवालों पर संसद में विस्तृत चर्चा होनी चाहिए।
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी छात्रों और उनके परिवारों की चिंताओं को जायज बताया। उन्होंने कहा कि लाखों विद्यार्थी वर्षों तक मेहनत करते हैं और कई परिवार बच्चों की पढ़ाई के लिए आर्थिक कठिनाइयों का सामना करते हैं। ऐसे में परीक्षा प्रक्रिया पर उठने वाले सवाल छात्रों के भविष्य को प्रभावित करते हैं, इसलिए इस मुद्दे को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
इस बीच, संसद में अन्य विधायी कार्यों के साथ कई महत्वपूर्ण विषयों पर भी चर्चा होने की संभावना है। माना जा रहा है कि NEET विवाद और परीक्षा सुधार से जुड़े मुद्दे आने वाले दिनों में भी संसद की कार्यवाही में प्रमुख रूप से उठते रहेंगे।














