रांची- जमीन घोटाला से संबंधित मामले में प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी को मुख्यमंत्री से कुछ जानकारी लेनी है.लेकिन मुख्यमंत्री लगातार ईडी के बुलावे की अनदेखी कर रहे हैं.छह बार उन्हें समन भेजा गया है.उन्हें पूछताछ के लिए रांची के हिनू स्थित जोनल कार्यालय बुलाया गया था लेकिन वे नहीं गए.जाहिर है प्रवर्तन निदेशालय एक संवैधानिक संस्था है.इसे पूर्ण अधिकार है किसी को भी जांच के मामले में बुलाकर पूछताछ करने का.ऐसे में कोई भी व्यक्ति हो,चाहे वह आम हो या खास,प्रवर्तन निदेशालय उसे बुला सकता है.
मुख्यमंत्री होने के नाते उन्हें छह बार समन भेजा गया है लेकिन वह अभी तक टर्न अप नहीं हुए हैं.इसको लेकर कहीं ना कहीं एजेंसी के सामने भी थोड़ी दुविधा की स्थिति हो गई थी. विधि विशेषज्ञों का कहना है कि कोर्ट के माध्यम से प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी आगे कदम बढ़ा सकती है.इस पर राजनीति अलग हो रही है वह अपनी जगह है.लेकिन कानूनी प्रक्रिया को पूरा किया जाना है.इसलिए मुख्यमंत्री को आखिरी मोहलत दी गई है.उनसे कहा गया है कि वह एक सप्ताह यानी 5 जनवरी तक यह बता दें कि उनसे जमीन घोटाला संबंधित मामले में पूछताछ करनी है तो तारीख और स्थान का निर्धारण कर लें स्थान ऐसा होना चाहिए जो पूछताछ के लिए उपयुक्त हो











