रांची : आज गुरुवार को कांग्रेस के लोग रांची की सड़कों पर उतर आए। प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश के नेतृत्व में एक प्रदर्शन का आयोजन किया गया था। इसमें कई प्रमुख नेता, विधायक शामिल हुए। मालूम हो कि झारखंड में सरकार कांग्रेस के समर्थन से चल रही है। चलिए जानते हैं कि कांग्रेस के लोग क्यों सड़क पर उतरे।
UP के अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर से संबंधित चंदे में पारदर्शिता एवं कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच तथा खान एवं खनिज (विकास एवं विनियम) संशोधन अधिनियम से राज्यों के संवैधानिक एवं वित्तीय अधिकारों की रक्षा की मांग को लेकर रांची जिला कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष सोमनाथ मुंडा एवं रांची महानगर कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष डॉ. कुमार राजा के संयुक्त तत्वावधान में आज एकदिवसीय धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया।
इस कार्यक्रम में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं, जनप्रतिनिधियों एवं पार्टी पदाधिकारियों ने केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए जनहित, पारदर्शिता, जवाबदेही और राज्यों के अधिकारों की रक्षा की आवाज बुलंद की है। केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की गई।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने कहा कि कांग्रेस हमेशा लोकतांत्रिक मूल्यों, पारदर्शिता और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष करती रही है। श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े चंदे में यदि किसी प्रकार की अनियमितता के आरोप हैं, तो उनकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। वहीं, झारखंड जैसे खनिज संपदा से समृद्ध राज्य के अधिकारों को कमजोर करने वाला कोई भी कदम स्वीकार नहीं किया जाएगा। इसके लिए बड़ा आंदोलन होगा।
सीनियर लीडर पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय ने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों पर राज्यों और वहां की जनता का भी अधिकार है। राज्य ने वर्षों से खनन के दुष्प्रभावों को झेला है। ऐसे में खनिज संपदा से मिलने वाले राजस्व और राज्यों की वित्तीय स्वायत्तता की रक्षा करना बेहद जरूरी है। कांग्रेस इस मुद्दे को जनहित के सवाल के रूप में मजबूती से उठाती रहेगी।
हालिया राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस के प्रत्याशी रहे अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव प्रणव झा ने कहा कि कांग्रेस का संघर्ष संविधान, लोकतंत्र और राज्यों के अधिकारों की रक्षा के लिए है। झारखंड की खनिज संपदा यहां की जनता की अमूल्य धरोहर है और इससे होने वाले राजस्व में राज्य एवं स्थानीय जनता के हितों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े चंदे में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना भी उतना ही आवश्यक है।
झारखंड विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल के उपनेता राजेश कच्छप ने कहा कि MMDR संशोधन के माध्यम से यदि राज्यों के अधिकारों को सीमित करने का प्रयास किया गया, तो कांग्रेस इसका लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करेगी। झारखंड के संसाधनों का लाभ झारखंड की जनता को मिलना चाहिए और राज्य की वित्तीय स्वायत्तता से कोई समझौता नहीं किया जा सकता है।
कांग्रेस विधायक सुरेश बैठा ने कहा कि यह लड़ाई किसी व्यक्ति या संस्था के खिलाफ नहीं, बल्कि पारदर्शिता, जवाबदेही और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए है। झारखंड के हितों के साथ किसी भी प्रकार का समझौता कांग्रेस बर्दाश्त नहीं करेगी। लगे हाथ प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष सह मीडिया चेयरमैन सतीश पौल मुंजनी ने कहा कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा चंदा जनविश्वास की संपत्ति है। इसलिए इसके संग्रह और उपयोग का पारदर्शी लेखा-जोखा सार्वजनिक होना चाहिए तथा आरोपों की स्वतंत्र जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि दूसरी ओर MMDR संशोधन के माध्यम से राज्यों के वित्तीय एवं संवैधानिक अधिकारों को प्रभावित करने का प्रयास संघीय ढांचे के लिए गंभीर चिंता का विषय है। कांग्रेस दोनों मुद्दों पर जनता के बीच जागरूकता पैदा करती रहेगी।
रांची जिला कांग्रेस अध्यक्ष सोमनाथ मुंडा ने कहा
रांची जिला कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष सोमनाथ मुंडा ने कहा कि आज का धरना जनहित और संविधान की रक्षा की आवाज है। झारखंड की खनिज संपदा पर पहला अधिकार यहां की जनता और राज्य का होना चाहिए। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को राज्यों के अधिकारों का सम्मान करते हुए झारखंड की आर्थिक एवं वित्तीय स्वायत्तता को सुरक्षित रखना चाहिए। साथ ही श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े चंदे में पारदर्शिता के लिए निष्पक्ष जांच जरूरी है।
रांची महानगर कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. कुमार राजा ने कहा
रांची महानगर कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष डॉ. कुमार राजा ने कहा कि कांग्रेस जनता के विश्वास से जुड़े हर मुद्दे पर जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए संघर्ष करती रहेगी। उन्होंने कहा कि करोड़ों श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए चंदे का पारदर्शी हिसाब सार्वजनिक होना चाहिए और यदि किसी प्रकार की अनियमितता के आरोप हैं तो निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। वहीं, MMDR संशोधन के जरिए राज्यों के अधिकारों को कमजोर करने की कोशिश का कांग्रेस पुरजोर विरोध करेगी।
इस कार्यक्रम को बंधु तिर्की,अजय नाथ सहदेव, राजेश सिन्हा, एवं दयामनी बारला सहित अन्य कांग्रेस नेताओं ने भी संबोधित किया। वक्ताओं ने केंद्र सरकार से राज्यों के अधिकारों का सम्मान करने, झारखंड की खनिज संपदा पर राज्य के हितों की रक्षा करने तथा श्रद्धालुओं के चंदे से जुड़े तमाम सवालों पर पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की।कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के समक्ष अपनी मांगें रखते हुए कहा कि जनता के विश्वास, राज्यों के अधिकार और संविधान की संघीय भावना से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
रांची जिला कांग्रेस कमिटी एवं रांची महानगर कांग्रेस कमिटी की संयुक्त अध्यक्षता में आयोजित इस एकदिवसीय धरना-प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता एवं समर्थक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में महामहिम राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन उपायुक्त, रांची के माध्यम से सौंपते हुए दोनों प्रमुख मांगों पर आवश्यक संवैधानिक हस्तक्षेप की मांग की गई।














