न्यूज़ डेस्क : देश की सर्वोच्च अदालत यानी सुप्रीम कोर्ट ने कॉमेडियन समय रैना पर जुर्माना लगाया है। इसके अलावा सख़्त टिप्पणी की है।इस मामले में सामने आई. केस की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने बेहद सख्त शब्मेंदों में कहा: “कॉमेडियन समय रैना ने अदालत को मजाक समझ लिया है।उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष झूठे बयान दिए हैं।” समय रैना और अन्य स्टैंड अप कॉमेडियन के मामले की सुनवाई चल रही थी।
कॉमेडियन ने दिव्यांगों का मज़ाक़ उड़ाया था
कोर्ट ने इसे बड़ा ही गंभीर मामला माना है।यह मामला समय रैना और अन्य कॉमेडियंस द्वारा दिव्यांग का मजाक उड़ाने से जुड़ा है।समय रैना ने अपने शो इंडियाज गॉट लेटेंट में एक ‘स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी’ से पीड़ित लोगों पर भद्दा कमेंट किया था। उसके बाद मामला कोर्ट पहुंचा था।पहले सुप्रीम कोर्ट ने समय रैना को सार्वजनिक माफी मांगने और दिव्यांगों के लिए कोष तैयार करने को कहा था।

देश की सर्वोच्च अदालत ने लगाई फटकार
मामले की सुनवाई के दौरान भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, जस्टिस, जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहन की बेंच ने कॉमेडियन समय रैना को फटकार लगाई। सुप्रीम कोर्ट ने ये भी कहा कि “मुझे समझ नहीं आता कि वह कौन से यूथ आइकन हैं. ये सोचकर ही डर लगता है.”ऐसे लोगों को कैसे तवज्जो मिलती है।
सीनियर एडवोकेट अपराजिता सिंह ने दावा किया कि समय रैना ने कोर्ट के ऑर्डर के बावजूद अब तक फाउंडेशन से संपर्क नहीं किया है। इसके लिए नोटिस भेजा जा रहा है।
कोर्ट ने 3 लाख का जुर्माना लगाया
सुप्रीम कोर्ट ने कॉमेडियन समय रैना पर 10 लाख का जुर्माना लगाते हुए कहा कि वह दो हफ्ते के अंदर यह रकम जमा करें। कोर्ट बहुत नाराज़ दिखा।सुनवाई के दौरान कोर्ट से अपील करने के बाद उस रकम को घटाकर तीन लाख रुपये कर दिया।साथ ही 15 दिन के अंदर आदेश का अनुपालन नहीं किया गया तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
कोर्ट में सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा, “हमारे युवाओं के बेहतर आदर्श हैं.” सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल ने बताया कि शो की शुरुआत में मंच पर नींबू-मिर्च टांगी जाती है, ताकि कार्यक्रम रद्द ना हो या किसी विवाद में न फंसे। उन्होंने आगे कहा कि इससे साफ पता चलता है कि इशारा किस ओर था। इस पर CJI ने कहा, “अगर आपको अपनी आदतें सुधारना और समाज के लोगों की भावनाओं का सम्मान करना नहीं आता, तो उसके परिणाम भी भुगतने होंगे.”
कोर्ट को इस सुनवाई के दौरान यह भी बताया गया कि इन शो के जरिए करीब 9 लाख रुपये जुटाए गए हैं।इस पर अपराजिता सिंह ने कहा कि उन्हें इनसे कोई पैसा नहीं चाहिए. जस्टिस बागची ने टिप्पणी करते हुए कहा कि अगर वास्तव में उद्देश्य दिव्यांगजनों के लिए काम करना था, तो अपराजिता सिंह के मुवक्किल को भी शो में बुलाना चाहिए था।
जस्टिस बागची ने आगे कहा कि हास्य का उद्देश्य लोगों को खुशी देना है, लेकिन यहां केवल व्यावसायिक पहलू दिखाई दे रहा है. CJI ने कलाकारों को नसीहत देते हुए कहा, “जब आप सार्वजनिक जीवन में हैं, तो जितना अधिक दूसरों का सम्मान करेंगे, उतना ही आपका सम्मान बढ़ेगा।”
कॉमेडियन समय रैना के वकील ने क्या कहा
समय रैना की ओर से पेश वकील ने कहा कि दिव्यांग लोगों को शो में बुलाया गया था और उसकी तस्वीरें भी मौजूद हैं।यदि अपराजिता सिंह के मुवक्किल तक पहुंच नहीं हो सकी तो यह दुर्भाग्यपूर्ण है और वे अपने मुवक्किल से इस संबंध में बात करेंगें।
CJI सूर्य कांत ने कहा कि अदालत लगातार अवसर देती रही क्योंकि उन्हें उम्मीद थी कि सम्मानित परिवारों से आने वाले ये युवा अपनी गलतियों से सीखेंगे, “लेकिन अब तक कोई बदलाव नजर नहीं आ रहा है.”
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